प्रियमित्रो,
पीढ़ियों से चली आ रही गंभीर समस्याओं भरा जीवन खुशहाल बनाने के लिए इस महत्वपूर्ण विवरण को समय निकाल कर अवश्य पढ़ें। क्योंकि बड़े लाभ के लिए, बड़ा काम करने के लिए कुछ तो समय निकालना ही पड़ेगा।अन्यथा बड़ा लाभ असंभव ही है ।जिसके दोषी हम सभी स्वयं ही हैं। इसलिए इस प्रस्तुत विवरण को समय निकालकर कई बार अवश्य पढ़ें।

देश में ₹60 हजार,महीने तक की आमदनी बाला 100 में एक व्यक्ति है,1लाख रुपये आमदनी बाला एक हजार में एक है| वह भी परिवार के किसी सदस्य की गंभीर बीमारी के इलाज में 10 लाख से 50 लाख इससे भी अधिक लग सकते हैंऔर लगरहे हैं।किसको कब कौन सी गंभीर बीमारी का सामना करना पड़े, तो वह गरीबी की रेखा में चला जाता हैऔर जीवन बचाना भी मुश्किल हो जाता है। जबकि मेहनत करने वाले सभी लोगों का निशुल्क इलाज सरकार की पूरी जिम्मेदारी है। साथ ही लाखों की महंगी अच्छी शिक्षा तथा लाखों का महंगा समुचित आवास देश के प्रत्येक मेहनत करने बाले नागरिक का अधिकार है। देश में सभी लोगों को यह सुविधाएं बड़ी आसानी से उपलब्ध हो सकती हैं,क्योंकि देश में पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं। हजारों लाख करोड़ कालाधनदेश, विदेशो मेंहै| जो आपकी मेहनत की कमाईहै| 20 से 50 सों लाख के महंगे इलाज ,शिक्षा ,मकान कठोर महनत करने पर भी आपको आपकी अज्ञानता के कारण आपको प्राप्त नहीं हो पारहे हैं।केवल समझने की जरूरत है|भारत सरकार के पास 99% धन गरीबों के द्वारा खरीदी गई वस्तुओं की कीमत मे लगा लगभग आधा टेक्स के रुप मे सरकार को जाता है ।इस टेक्स से सरकार के पास लाखों करोड़ रुपये इकट्ठा होता है| इसके साथ साथ विदेशों से बड़ी मात्र में ब्याज पर कर्ज लिया जाता है,जो आज देशपर लगभग 200 लाख करोड़ विदेशी कर्ज है|इस कर्ज के केवल ब्कीयाज की अदायगी भी महंगाई बढाकर गरीब जनता से बसूल की जाती है| इन लाखों करोड़ रुपयों को विभाग वाइज बजट के रुप मे खर्च किया जाता है



कुछ ही लोगों के द्वारा बड़ी कमीशन खोरी एवं भ्रष्टाचार के द्वारा देश के लगभग 140 व्यक्तियों के पास कई-कई,हजारों करोड़ रूपया पहुंचता है। उसके नीचे दूसरी श्रेणी के कुछ ही बड़े उद्योगपति,ब्यापारी जिनकी संख्या मात्र सैकड़ों में ही है| जोबड़े कमीसनखोर, टेक्सचोर 10 लाख में एक ब्यक्ति है,जो सेकड़ों,हजारों करोड़ के घोटाले प्रति वर्ष करते है| देश की जनता इन बड़े लुटेरों के खिलाफ अभियान नहीं चलाती है,बल्कि मजबूरी में छोटे रिश्वत लेने बाले 5-10 हजार से एक लाख तक जो छोटे मजबूरी में रिश्वत लेते,भ्रष्टाचार करते हैं उनसे ही लड़ती रहती है |
यह कुछ ही बड़े लुटेरे हजारों करोड रुपये टेक्स चोरीऔर भ्रष्टाचार करते हैं। इन लोगों ने इसी चोरी और भृष्टाचार के धन से हजारों करोड़ के महंगे प्राइवेट अस्पताल एवं नर्सिंग होम तथा मेडिकल कॉलेज एवं इंजीनियर कॉलेज आदि इनमें इलाज कराने और पढ़ाने में 20 लाख रुपए से 50 सो लाख रुपये और इससे भी अधिक खर्च होते हैं| इसी चोरी के धन से ही बिल्डर हजारों एकड़ जमीन खरीदते हैं और यह तीनों जरूरी चीजें लाखों का महंगा इलाज, महंगी शिक्षा, महंगे मकान गरीबों की पहुंच से दूर कर दिये जाते है। एक करोड़ तक का भ्रष्टाचार करनेवाले भ्रष्टाचारी मजबूरी में भ्रष्टाचार करता है,आज की परिस्थितियों मे गुजारे के लिये ही करने को मजबूर कर दिये गये हैं|

इसलिए जब गरीबों की संख्या देश में हजार में 999 है और बड़े लुटेरों की संख्या देश में दस लाख की आबादी मे एकही है।जो देश भर में बड़े लुटेरे मात्र दो हजार ही है। तो दोष गरीबों का ही है। इन गरीबों में से 10 परसेंट भी लोग संगठन में रुचि नहीं लेते हैं।वह साल भर में 1 दिन भी संगठन में नहीं देते हैं। और जो लूट रहे हैं, वे लगातार संगठित होकर के काम कर रहे हैं। 10 से 90 हजार रुपये महीने आमदनी बाले 2 लाख महीने आमदनी बाले से द्वेष न रखे| क्योंकि 2 लाख बाला आपको नहीं लूट रहा है,आपको लूटने बाला छोटा लुटेरा 2 करोड़ महीने बाला हैऔर बड़ा लुटेरा 2सौ करोड़ बाला है |उससे भी बड़ा लुटेरा 2 हजार करोड़ बाला है|दो लाख रुपये महीने आमदनी बाला 10 से 90 हजार कमाने बाले को छोटा न समझे यहाँ 2000 करोड़ लूटने बाले भी हैं| जो 2 लाख महीने कुछ भी नहीं हैं |

इसलिए मित्रोंभारतीय मतशक्ति जागरूकता महासंघ” "आर्थिक आजादी अन्दोलन्" “विकास फौन्ड़ेसनतेज</b>द्वारा देश भर में जिला,ब्लोक,नगर,वार्ड,गाँव,मोहल्ला स्तरपर जागरूकता एवं प्रशिक्षण अभियान तेज गति से चलाया जा रहा है|जो लोगों को प्रशिक्षित,जागरूक कर संगठित कररहा है।जो देश की सबसे बड़ी शक्ति बनने जारहा है।देश की बहुत बडी आबादी चाहेगी, वही सरकारों को करना होगा| लुटनेवाले एक हजार में 999 हैं | बड़ा लुटेरा 10 लाख के सामने नहीं टिकेगा| अपनी जनतंत्र में सबसे बड़ी ताकत को पहचानो आप जो चाहोगे देश में वही होगा| मेहनत करनेवाले सभी गरीब जो एक लाखरुपये तक महीने में हासिल कर पाते हैं,उन्हें बड़े लुटेरों के सामने संगठित होनाही होगा कोई दूसरा रास्ता नहीं है| यदि आप साल भर में संगठन के लिए एक दिन भी देते हैं,तोभी बहुत है|सभी समस्याओं के सरल समाधानएवं स्थाई, हमेसा पीढ़ियों तक की खुशहालीके लिए सम्पूर्ण सरल समाधान एवं जानकारी के लिए पांच दिनों का प्रशिक्षण अवश्य प्राप्त करें |

प्रशिक्षण के लिए अपना नाम पंजीकृत कराये|तथा अन्य समाधानों के लिए लोकसभा उम्मीदवार के द्वारा जनता के प्रति कानूनी बाध्यता के लिए उम्मीदवार द्वारा एग्रीमेंट एवं शपथ पत्र में वोट के बदले पूरी की जाने बाली शर्तों को पढ़ें और पढ़ाएं | मित्रों आपसे निवेदन है कि आपकिसी भी संगठन में जिस स्तर की जो भी जिम्मेदारी लेना चाहते हैं, नीचे दिए गए व्हाट्सएप नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। और कोई इससे अच्छा रास्ता अगर आपको दिखाई देता है। तो आप अपने बहुमूल्य विचार,सुझाव अवश्य प्रेषित करें। आपके विचारों का हमेशा हार्दिक स्वागत है। पुन नूतन वर्ष 2025 में परिवार एवं मित्रों सहित खुशहाली के लिए हार्दिक शुभकामनाएं ।

महेश मानव –एवं सभी साथी मित्र ,राष्ट्रीय, प्रदेशीय, जिला इकाइयां “भारतीय मतशक्ति जागरूकता महासंघ” “राष्ट्रीय आर्थिक सामजिक न्याय मोर्चा” ” “विकास फौन्ड़ेसन” "आर्थिक आजादी आन्दोलन”, केंद्रीय कार्यालय FF-लक्ष्मी नगर दिल्ली 110092- व्हाट्सएप 9711 539237- 9891496594 email---arthik_azadi_andolan@yahoo.com


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