मित्रों. जाति एवम धर्म के समाज सेवियो और शोषकों एवम अधार्मियो को पहचाने !
" भारतीय मताधिकार शक्ति महासंघ "हिन्दू ह्रदय सम्राट गोस्वामी तुलसी दास जी की ही माने तो -
”परहित सरस धर्म नहीं भाई|
पर पीड़ा सम नहीं अधमाई ||
अर्थात दूसरों का भला करने के सामान कोई धर्म नहीं है और दूसरों को पीड़ा पहुंचाने के सामान कोई अधर्म नहीं है |
जो भी राजनीतिक लोग हैं, सांसद, विधायक, मंत्री मुख्य मंत्री यह सभी अपनी अपनी जातियों को देश के पूंजीपतियों ,ब्राह्मणवादी बड़े लुटेरों से लुटबा रहे हैं और लूटवा|ने में थोड़ा सा कमीशन हिस्सा उनको भी मिलना है| और समाज सेवी के नाम पर यही उनका समाज सेवा का सच है और उद्देश्य है और यही वह कर भी रहे हैं |जो नेता कुछ भी नहीं होता वह कहां से करोड़पति ,अरबपति बन जाता है ?जनता के टैक्स जनता की मेहनत की कमाई से धर्म और अमानवता के रास्तों से केवल भोले -भले लोगों को धर्म के नाम पर, जाति के नाम पर उनको बहकाकर के सांसद, विधायक, मंत्री मुख्य मंत्री आदि बनते हैं और उनके खर्च और संपत्तियां जनता के टैक्स से आतीहैं |
भोलीभाली जनता को केवल लूटने का ही काम करते हैं और उसको वह अपनी सफलता समझते हैं| फिर भी उन लुटबाने ओबीसी ,एससी एसटी के किसीभी नेता के पास हवाई जहाज नहीं है| जब कि वह पूरी जिंदगी लूटने में और लुटवाने में लगे रहे, फिर भी उनकी हैसियत हवाई जहाज खरीदने की नहीं हो पाई |जबकि बड़े कथित सवर्ण लुटेरे एक साल में अनेको हवाई जहाज खरीदने की क्षमता में कैसे पहुँच जाते हैं?केवल इन गुलाम मानसिकता बाले ओबीसी ,एस सी एसटी नेताओं और उनके चाटुकार चमचों की बजह से | क्योंकि इनमें सोचने का हौसला ही नहीं है|
उनके पूर्वज गांव में हल चलाते थे, थोड़ा पढ़ लिख लिए तो दो-चार पैसे कमा लिए यानी 2-4 करोड़ कमा लिए तो वह समझते हैं कि हम बहुत बड़े आदमी बन गए और एमपी, एमएलए, मुख्यमंत्री, मंत्री यह पूंजीपति ,ब्राह्मणवादी व्यवस्था में उनकी चप्पल उठा रहे हैं, उनकी गुलामी कर रहे हैं और अपने बिरादरी के गरीब, साधारण सभी लोगों को जो बहुसंख्यक है यानी 99% जाति के लोगों को थोते अहंकार में डूब करके नीचा, छोटा, बेवकूफ समझते हैं| ऐसे समाज सेवी है| इसी को समाज सेवा कहते हैं |यह अधर्म, अन्याय और नीच, घटिया कार्य है| राम भक्त तुलसी दास जी ने साफ़ लिखा और कहा है कि
”परहित सरस धर्म नहीं भाई|
पर पीड़ा सम नहीं अधमाई ||
अर्थात दूसरों का भला करने के सामान कोई धर्म नहीं है और दूसरों को पीड़ा पहुंचाने के सामान कोई अधर्म नहीं है | जो अनेकों साइंस (विज्ञान ) विषयों से ऊँची डिग्रिया लेने बाले भी धार्मिक और सज्जन इसे समझ रहे है वह वास्तव में सच्चे इन्शान हैं, धार्मिक हैं | और जो साइंस (विज्ञानं )विषयों से पढ़े लोग केवल पैसे और शोषणके राजनैतिक, प्रशासनिक पदों को ही महत्त्व देते हैं और उनकी चमचागिरी ,चाटुकारिता करते हैं घमंड में इसी को सफलता कहते हैं, वह केवल अधर्मी और मानवता के लिए,समाज के लिए बड़ा कलंक हैं | इससे ज्यादा शर्म की बात और कुछ नहीं हो सकती है|
देश में प्रत्येक गरीब से गरीब व्यक्ति अपनी कठोर मेहनत की कमाई का लगभग 60% टैक्स सरकार को देता है, क्योंकि प्रत्येक वस्तु पर जीएसटी अर्थात वस्तुकर लगा हुआ हैl वस्तु उत्पादन फैक्टरी कारखाने से होता है उसमें सरकारें किसान से एक रुपयें में खरीदकर फेक्टरी लगाने बाले को 10 रुपये में बेचती है यदि फेक्टरी लगानेवाला सीधी जमींन किसान से खरीदता है तो उसे 9 रुपये की लागत कम पड़ेगी तो जनता को बस्नतुये नौ गुनी कम कीमत चुकानी पड़ेगी उसके बाद जमींन की रजिस्ट्री से लेकर बिल्डिंग में लगे मैटेरियल ईंट, सीमेंट, लोहा ,मशीन सभी में ऑलरेडी पहले से हीजीएसटी दो-दो बार सरकार के पास चली जाती हैl उसके बाद फैक्ट्री में जो समान बनता है lउस पर पुनः तीसरी और चौथी बार जीएसटी लगती हैl इस तरह प्रत्येक वस्तु पर लगभग 60% जीएसटी लगी हुई है, जो सरकार के पास जाती हैl वह लाखों करोड़ों में इकट्ठी होती है और उसमें से जो केंद्रीय सत्ता वाले कुछ ही बड़े भ्रष्ट लोग डेवलपमेंट में उस फंड को लगाते हैंl बड़ी मात्रा में सैकड़ों लाख करोड़ रूपया विदेशी कर्ज विश्व बैंक,IMF आदि से लेकर विकास कार्यों में लगाते हैं |सड़के ,नहरे हवाई अड्डे, डेम आदि आदि डेवलपमेंट में हजारों करोड़ों की कुछ ही लोग कमीशन खोरी करके संपत्ति एकत्रित कर लेते हैंl इस संपत्ति से प्राइवेट सेक्टर के बड़े महंगे अस्पताल ,महंगे कॉलेज ,मेडिकल कॉलेज और बिल्डर कालोनियां बनाते हैं जो देश की हजार में से एक भी व्यक्ति ना 20 से 50 सों लाख के महंगे अस्पतालों में इलाज कर सकते , ना महंगे कलियों में फ्लैट खरीद सकते , ना लाखों की महंगी शिक्षा ग्रहण कर सकते हैं और नहीं महंगे मकान खरीद सकते हैं lजिनकी कीमत 50 सौ लाख रुपये हैl इसलिए पैसा आपका है
lइस भ्रष्टाचार, कमीशन खोरी से बचने के लिए संगठित होइए lइसीलिए
"भारतीय मताधिकार शक्ति महासंघ "का गठन किया गया हैl इसमें जो भी प्रत्याशी चुनाव लड़ेगा ,उसको अपने परिवार की तरह जोसुविधा महंगे इलाज, महंगी शिक्षा ,महंगी मकान की उपलब्ध है, वह क्षेत्र के सभी वोटर और उनके परिवार को उपलब्ध करने के लिए एग्रीमेंट करेगा, शपथ पत्र देगा और ऐसा न करने पर उसकी उसकी संपत्ति जप्त होगीl आजीवन कारावास होगा जो व्यक्ति एग्रीमेंट और शपथ पत्र नहीं देगा, उसको जनता वोट नहीं देगी
आप अपनी खुशी और तबाही के लिए मुसीबत के लिए आप ही स्वयं जिम्मेदार हैं lकृपया गंभीरता से चिंतन और मंथन करें इसको बार-बार पढ़ेंl संपर्क करें यही हम प्रार्थना कर सकते हैं| सर्वे भवंतु सुखिना, सभी मंगलमय हों | सभी खुशहाल हों | यही हमारी प्रभु से प्रार्थना है| शोषण अत्याचार मुक्त हों | लुटेरों से बच्चे, यही बार-बार प्रभु से प्रार्थना है|
स्वाभिमान ,खुशहाली पूर्वक जीवन जीने की हैसियत हम राष्ट्रीय स्तर पर हम 99 % गरीब मेहनतकस जिनकी आमदनी एक लाख रुपये महीने तकही है वे अपनी तथा भावी पीड़ियो तक की खुशहाली के लिये “भारतीय मताधिकार शक्ति महासंघ” से जुड़ें |ब्लाक ,वार्ड ,नगर ,विधानसभा ,जिला स्तर पर जागरूकता को घर-घर पहुँचाने की लिए सभी समस्याओं के समाधान जानने के लिए सभी क्षेत्रों में बिस्तृत ज्ञान पाने के लिए ,अपने तथा अपने परिवार ,समाज देश की स्थाई खुशहाली के लिए " भारतीय मताधिकार शक्ति महासंघ " के 5 दिवसीय प्रशिक्षण शिविरों में सम्मिलित होने के लिए संपर्क करें और अपने तथा सभी के जीवन को सार्थक एवं खुशहाल बनाने का महत्वपूर्ण अवसर न चुके | हमेशा शुभ कामनाओ के साथ आपका -महेश मानव|
महेश मानव
राष्ट्रीय संयोजक
”भारतीय मताधिकार शक्ति महासंघ”
राष्ट्रीय अध्यक्ष
”ओबीसी,एससी,एसटी फ्रट आफ इंडिया”
केन्द्रीय कार्यालय ,लक्ष्मी नगर दिल्ली 1100 92
Whatsapp - 9711539237, 9891496594
Email – arthik_azadi_andolan@yahoo.com, obcufi@gmail.com
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